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वर्ष -2017
  • प्रयोगशाला में होने वाले परीक्षण से सम्बन्धित विभिन्न चरणों में होने वाली प्रक्रिया के अन्तर्गत सीसीटीएनएस सिस्टम का सफलतापूर्वक प्रयोग करते हुए लखनऊ प्रयोगशाला के बाद मई, 2017 से मुरादाबाद प्रयोगशाला में मामलों की प्राप्ति एवं रिपोर्ट निर्गत करने का कार्य सीसीटीएनएस सिस्टम पर प्रारम्भ किया गया।
  • शासनादेश सं0-3069/छः-पु0-9-17-2(16)/2015 दिनांक 30.11.2017 के अन्तर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला, मुरादाबाद हेतु 58 तकनीकी और 21 गैर-तकनीकी पदों का सृजन हुआ।
वर्ष -2018
  • प्रदेश सरकार द्वारा लोक कल्याण संकल्प पत्र-2017 ‘‘न गुण्डाराज न भ्रष्टाचार’’ के बारे में कहा गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा, वाराणसी एवं मुरादाबाद में कार्यशील विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के क्रम में माह नवम्बर-2018 से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गाजियाबाद में 07 अनुभागों (भौतिक, रसायन, सीरोलॉजी, बायोलॉजी, प्रलेख, विष एवं क्राइम सीन मैनेजमेंट) में परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया। उक्त प्रयोगशालाओं के कार्यशील होने से प्रदेश में होने वाले अपराधों की विवेचनाओं में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
  • आधुनिकीकरण योजना के अन्तर्गत वर्ष-2018 में लगभग 281.82 लाख के अत्याधुनिक उपकरण यथा-डी0एन0ए0 आटोमेटिड एक्सट्रेक्शन डिवाइस, सोलर पावर सिस्टम, एडवांस ट्राइनाकुलर रिसर्च माइक्रोस्कोप, एन्थ्रोपोलॉजिकल इंस्ट्रूमेंट, मॉडयूलर लैब वर्कस्टेशन इत्यादि को विधि विज्ञान प्रयोगशाला हेतु क्रय किया गया जिससे कि निस्तारण की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।
  • प्रयोगशाला में डी0एन0ए0 परीक्षण से सम्बन्धित प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के सैम्पलों को विवेचना की दृष्टि से वैज्ञानिक तरीकों से संकलन एवं परिरक्षण इत्यादि बिन्दुओं पर जानकारी देने हेतु प्रदेश के 75 जनपदों में तथा 05 प्रयोगशालाओं में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जनपदों में विवेचकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
वर्ष-2019
  • आधुनिकीकरण योजना वर्ष 2018-2019 में भारत सरकार गृह मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा लगभग रू0 1695.21 लाख के अनुदान से अत्याधुनिक उपकरण यथा-रैपिड हिट डी0एन0ए0 सिस्टम, नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसर, बीफ डिटेक्शन किट तथा अन्य अनुभागों हेतु हाईएण्ड फोरेंसिक वर्कस्टेशन, -20 डिग्री सेंटीग्रेड डीप फ्रीजर, एडवांस विसरा डिस्टिलेशन चैम्बर विद एसेसरीज, एडवान्स्ड डाक्यूमेन्ट एग्जामिनेशन सिस्टम, ऑटोमेटिड बुलट रिकवरी बॉक्स, पेट्रोलियम डिस्टिलेशन यूनिट इत्यादि उपकरण क्रय किये गये।
  • मार्च-2019 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ में पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा अत्याधुनिक कम्प्यूटर फोरेंसिक अनुभाग की स्थापना की गई।
  • मई-2019 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गाजियाबाद में कम्प्यूटर फोरेंसिक अनुभाग की स्थापना कर प्रदर्शो का परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • जून-2019 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, वाराणसी में कम्प्यूटर फोरेंसिक अनुभाग की स्थापना कर प्रदर्शो का परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • जुलाई-2019 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, प्रयागराज में भौतिकी, प्रलेख, रसायन, विष, बायोलॉजी, सीरोलॉजी एवं घटनास्थल प्रबन्धन अनुभाग के मामलों का परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों व वैज्ञानिकों द्वारा किंग जार्ज मेडीकल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित DNA Analysis in relation to disaster management & POCSO Act से सम्बन्धित सेमीनार में वर्ष 2019 में व्याख्यान, शोध पत्र प्रस्तुत किये गये।
  • जुलाई-2019 में आयोजित ऑल इण्डिया पुलिस ड्यूटी मीट-2018 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
  • नवम्बर-2019 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, झांसी में प्रलेख एवं रसायन अनुभाग के मामलों का परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गोरखपुर के बी-श्रेणी से ए-श्रेणी में परिवर्तन होने के उपरान्त शासनादेश सं0-2464/छः-पु0-9-19-2(16)/2 दिनांक 05.11.2019 द्वारा 15 तकनीकी और 02 गैर-तकनीकी पदों का सृजन हुआ।
वर्ष -2020
  • अगस्त-2020 में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गोरखपुर में सीरोलॉजी व बायोलॉजी अनुभाग का परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गाजियाबाद में सितम्बर-2020 में डी0एन0ए0 अनुभाग स्थापित कर परीक्षण कार्य प्रारम्भ किया गया।
  • विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गाजियाबाद व झांसी का भवन हस्तगन हुआ।
  • आधुनिकीकरण योजना के अन्तर्गत प्राप्त अनुदान से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, आगरा में डी0एन0ए0 अनुभाग की स्थापना हेतु उपकरणों का क्रय किया गया।
वर्ष-2021
  • वित्तीय वर्ष 2020-2021 में प्रदेश में कार्यशील विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं हेतु पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत आवंटित अनुदान से लगभग रू0 373.29 लाख के अत्याधुनिक उपकरण क्रय किये गये जिसके अन्तर्गत विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गोरखपुर के डी0एन0ए0 अनुभाग की स्थापना हेतु उपकरणों का भी क्रय किया गया।
  • अप्रैल, 2021 से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गोरखपुर में डी0एन0ए0 अनुभाग के अन्तर्गत परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • अप्रैल, 2021 से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, आगरा में डी0एन0ए0 अनुभाग के अन्तर्गत परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • मई, 2021 से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गाजियाबाद में आग्नेयास्त्र अनुभाग के अन्तर्गत परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • मई, 2021 से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, झांसी में प्रलेख एवं रसायन अनुभाग के अतिरिक्त सीरोलॉजी अनुभाग तथा जून, 2021 से विष अनुभाग एवं आग्नेयास्त्र अनुभागों के अन्तर्गत परीक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।
  • भारत सरकार द्वारा संचालित आई0सी0जे0एस0 योजना के अन्तर्गत ई-फोरेंसिक माड्यूल के सम्बन्ध में दिसम्बर, 2021 में आई0सी0जे0एस0 एवार्ड्स ‘‘पिलर फोरेंसिक’’ के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
  • प्रदेश की विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं द्वारा गत वर्ष 2020 में निस्तारित किये गये 23717 केसों की तुलना में वर्ष 2021 में 31363 केसों का निस्तारण करते हुए लगभग 33 प्रतिशत अधिक केसों का निस्तारण किया गया जिससे न्यायपालिका को त्वरित न्याय करने में सहयोग प्राप्त हुआ।
वर्ष -2022
  • उक्त के अतिरिक्त विधि विज्ञान प्रयोगाशाला, उ0प्र0 हेतु उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वैज्ञानिक सहायक व प्रयोगशाला सहायक के कुल 131 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया।
  • वित्तीय वर्ष 2021-2022 में प्रदेश में कार्यशील विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु गत वित्तीय वर्ष में शेष स्वीकृत उपकरणों हेतु पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत आवंटित अनुदान से लगभग रू0 371.99 लाख के, आधुनिकीकरण के अन्तर्गत आवंटित अनुदान से लगभग रू0 12.45 लाख के एवं निर्भया फण्ड के अन्तर्गत आवंटित अनुदान से लगभग रू0 122.21 लाख व 259.28 लाख के अत्याधुनिक उपकरण क्रय किये गये।
  • शासनादेश सं0-15/2021/2001(ए)/6-पु0-9-21-2(15)/2020 दिनांक 05.08.2021 द्वारा विधि विज्ञान प्रयोगशाला, उ0प्र0 के सुदृढ़ीकरण लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, प्रयागराज एवं गोरखपुर हेतु पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत हाई रिसोल्यूशन वीडियो स्पेक्ट्रल कम्पेरेटर/एडवांस डाक्यूमेंट एक्सामिनेशन सिस्टम उपकरण रू0 34974500.00 की धनराशि से क्रय कर स्थापित कर दिया गया है जिससे प्रलेख अनुभाग के केसों को अधिक गुणवत्ता के साथ परीक्षित किया जा सकेगा ।
दिनांक 02.07.2021 से 31.03.2022 तक की अवधि में किये गये महत्वपूर्ण कार्यों का विवरण
  • भारत सरकार द्वारा संचालित आई0सी0जे0एस0 योजना के अन्तर्गत ई-फोरेंसिक माड्यूल के सम्बन्ध में दिसम्बर, 2021 में आई0सी0जे0एस0 एवार्ड्स ‘‘पिलर फोरेंसिक’’ के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
  • प्रदेश की विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं द्वारा गत वर्ष 2020 में निस्तारित किये गये 23717 केसों की तुलना में वर्ष 2021 में 31363 केसों का निस्तारण करते हुए लगभग 33 प्रतिशत अधिक केसों का निस्तारण किया गया जिससे न्यायपालिका को त्वरित न्याय करने में सहयोग प्राप्त हुआ।
  • उ0प्र0 लोक सेवा आयोग द्वारा विधि विज्ञान प्रयोगाशाला, उ0प्र0 हेतु चयनित 21 वैज्ञानिक अधिकारियों को शासन द्वारा दिसम्बर, 2021 में नियुक्ति पत्र जारी कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जनशक्ति में बढ़ोत्तरी की गई।
वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, उ0प्र0 की उपलब्धियों का विवरण:
  • उत्तर प्रदेश में पूर्व से क्रियाशील 08 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के अतिरिक्त वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 04 अन्य पऱिक्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को क्रियाशील किया गया जिनका विवरण निम्नवत है-
    क्रम सं परिक्षेत्र/जनपद क्रियाशील का दिनांक
    1 विधि विज्ञान प्रयोगशाला अलीगढ़ परिक्षेत्र, अलीगढ़ 01.05.2022
    2 विधि विज्ञान प्रयोगशाला, कानपुर परिक्षेत्र, कन्नौज 15.05.2022
    3 विधि विज्ञान प्रयोगशाला, देवी पाटनपरिक्षेत्र, गोण्डा 01.06.2022
    4 विधि विज्ञान प्रयोगशाला, बरेली परिक्षेत्र, बरेली 20.06.2022
  • प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना एवं विस्तारीकरण करते हुए वर्तमान सरकार के कार्यकाल में विधि विज्ञान प्रयोगशाला, गोरखपुर में रसायन, विष, प्रलेख अनुभागएवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला, झांसी मेंभौतिक व बायोलॉजी अनुभागों को स्थापित कराते हुए परीक्षण कार्य प्रारम्भ कराया गया।